फ्लाई ऐश के सतत उपयोग पर राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित

फ्लाई ऐश के सतत उपयोग पर राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित

National Conference on Sustainable Utilization

National Conference on Sustainable Utilization

एनपीटीआई - सीईए ने थर्मल पावर प्लांटों में चुनौतियाँ और अवसर पर  किया राष्ट्रीय सम्मेलन  

फरीदाबाद। दयाराम वशिष्ठ: National Conference on Sustainable Utilization: विद्युत क्षेत्र में पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान एवं संसाधनों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) तथा राष्ट्रीय विद्युत प्रशिक्षण संस्थान (NPTI) द्वारा संयुक्त रूप से “फ्लाई ऐश का सतत उपयोग: थर्मल पावर प्लांटों में चुनौतियाँ और अवसर” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन का उद्देश्य थर्मल पावर प्लांट्स में उत्पन्न होने वाली फ्लाई ऐश के प्रभावी प्रबंधन, उसके औद्योगिक एवं उभरते उपयोगों, नीति ढांचे तथा उससे जुड़े व्यावसायिक एवं राजस्व अवसरों पर विस्तृत विचार-विमर्श करना रहा।

National Conference on Sustainable Utilization

कार्यक्रम की शुरुआत सनोज कुमार झा, अतिरिक्त सचिव, कोयला मंत्रालय, भारत सरकार, प्रवीण गुप्ता, सदस्य (थर्मल) CEA और स्वप्नेंदु कुमार पांडा, सदस्य (तकनीकी), दामोदर वैली कॉरपोरेशन ने दीप प्रज्ज्वलन कर की। हेमंत जैन, महानिदेशक, NPTI एवं सदस्य (GO&D), CEA ने सभी अतिथियों का पौधा भेंटकर भव्य स्वागत किया ।

National Conference on Sustainable Utilization

राष्ट्रीय सम्मेलन में स्वागत संबोधन देते हुए  हेमंत जैन, महानिदेशक, NPTI एवं सदस्य (GO&D), CEA ने सम्मेलन में पहुंचे सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। इसके बाद सनोज कुमार झा, अतिरिक्त सचिव, कोयला मंत्रालय, भारत सरकार,  प्रवीण गुप्ता, सदस्य (थर्मल) CEA और  स्वप्नेंदु कुमार पांडा, सदस्य (तकनीकी), दामोदर वैली कॉरपोरेशन “फ्लाई ऐश का सतत उपयोग: थर्मल पावर प्लांटों में चुनौतियाँ और अवसर” पर विस्तार से जानकारी दी।
राष्ट्रीय सम्मेलन कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन डॉ. इंदु माहेश्वरी, प्रिंसिपल डायरेक्टर (प्रशिक्षण), NPTI द्वारा प्रस्तुत किया गया।

National Conference on Sustainable Utilization

बता दें की इस राष्ट्रीय सम्मेलन में विद्युत क्षेत्र से जुड़े नीति-निर्माताओं, विशेषज्ञों, उद्योग प्रतिनिधियों, शोधकर्ताओं तथा विभिन्न सरकारी एवं निजी संस्थानों के प्रतिनिधियों को एक मंच पर लाया गया, ताकि फ्लाई ऐश के सतत एवं प्रभावी उपयोग के लिए व्यावहारिक एवं क्रियान्वित किए जाने वाले सुझावों पर सार्थक चर्चा की जा सके।
सम्मेलन के माध्यम से थर्मल पावर प्लांट्स में उत्पन्न फ्लाई ऐश के बेहतर प्रबंधन एवं उसके व्यापक उपयोग के नए अवसरों को तलाशने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही, यह मंच विभिन्न हितधारकों के बीच संवाद, सहयोग और नवाचार को समर्पित रहा।

National Conference on Sustainable Utilization

पुरे दिनभर चले राष्ट्रीय सम्मेलन में  “फ्लाई ऐश का सतत उपयोग: थर्मल पावर प्लांटों में चुनौतियाँ और अवसर” से जुड़े अलग अलग विषयों पर 6 सत्र आयोजित किये गए । इन सत्रों में थर्मल पावर प्लांट्स में फ्लाई ऐश के उत्पादन एवं प्रबंधन, इससे संबंधित नीतिगत ढांचे, दिशा-निर्देश एवं वैधानिक प्रावधानों, फ्लाई ऐश के उन्नत एवं उभरते उपयोगों, औद्योगिक क्षेत्रों में इसके व्यापक उपयोग, इससे जुड़े व्यवसायिक मॉडल एवं राजस्व संभावनाओं के साथ-साथ विभिन्न संस्थानों द्वारा साझा किए गए अनुभवों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। प्रत्येक सत्र में विशेषज्ञों ने अपने विचार प्रस्तुत करते हुए फ्लाई ऐश के प्रभावी, सतत एवं व्यावहारिक उपयोग के लिए महत्वपूर्ण सुझाव भी साझा किए।
इस राष्ट्रीय सम्मेलन के प्रायोजकों में एनटीपीसी, डीवीसी, महाजेनको, एनएलसी इंडिया, मध्य प्रदेश जेनरेटिंग कम्पनी लिमिटेड, जिंदल पावर, जेएसडब्ल्यू और ऐशटेक इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड शामिल रहे।